Samrat Chaudhary New Cabinet : बिहार में भाजपा के पहले सीएम बने सम्राट, विजय सिन्हा का पत्ता साफ

राजनीति संवाददाता। शिखर संवाद 
Samrat Chaudhary New Cabinet:
बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है, जिसके साथ ही नई सरकार का स्वरूप उभरने लगा है। इस नई व्यवस्था में जेडीयू ने भी बीजेपी की तर्ज पर दो उपमुख्यमंत्री का फॉर्मूला लागू किया है। विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है, जो कैबिनेट में अहम भूमिका निभाएंगे। 

वहीं इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी हानि हुई है भाजपा के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा हो उन्हें पार्टी ने इस पद से दरकिनार कर दिया है। इसके पीछे एक बहुत बड़ा गणित भी है साथ ही एक समझौता भी। बता दें जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तब भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री थे। इसी फार्मूले के आधार पर दोबारा बिहार में सरकार बनी लेकिन इस बार चेहरे बदल गए। मुख्यमंत्री तो भाजपा का बना लेकिन उपमुख्यमंत्री दोनों जदयू के बने। 

बिहार की इस नई सरकार में शक्ति संतुलन को साधने की पूरी कोशिश की गई है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस कैबिनेट में विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम नंबर एक की हैसियत दी गई है, जबकि बिजेंद्र प्रसाद यादव दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में उनका साथ देंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को नीतीश कुमार द्वारा जेडीयू के भविष्य के उत्तराधिकार की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि भविष्य में निशांत की सक्रिय राजनीति में एंट्री होने पर इनमें से किसी एक को अपनी जगह खाली करनी पड़ सकती है, हालांकि यह भविष्य की बात है।

मंत्रिमंडल के गठन की बात करें तो माना जा रहा है कि नई सरकार में भी 2025 वाला पुराना फॉर्मूला ही प्रभावी रहेगा। पिछले समीकरण के अनुसार, बीजेपी कोटे से सर्वाधिक 14 मंत्री बनाए गए थे, जबकि जेडीयू से 8 मंत्री शामिल थे। इसके अलावा लोजपा रामविलास से दो, जबकि जीतन राम मांझी की एचएएम और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम से 1-1 मंत्री बनाए गए थे। इस बार भी लगभग यही ढांचा रहने की उम्मीद है, लेकिन जेडीयू के मंत्रियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। फिलहाल, सम्राट चौधरी की इस 'आधी सरकार' के पूर्ण विस्तार पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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